What is Morning Star Candlestick Pattern in Hindi? | मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक पैटर्न क्या है?
Most Important Topic of Morning Star Candlestick Pattern
2. मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक पैटर्न की पहचान कैसे करें?
3. मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक पैटर्न पर ट्रेड कैसे करें?
4. मॉर्निंग स्टार कैंडल के कुछ विशेषताए-
मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक पैटर्न क्या है? | What is Morning Star Candlestick Pattern in Hindi?
जब कोई शेयर अपने बॉटम पर बड़ी लाल कैंडल का निर्माण करें तो इसे सामान्यतः मंदी का संकेत माना जाता है | लेकिन यदि इस कैंडल के बाद बनने वाली कैंडल गैप डाउन ओपन होती है तथा एक ऐसे कैंडल का निर्माण कर देती है जिसका बॉडी छोटी तथा मध्य में के साथ कैंडल का अपर तथा लोअर शैडो लगभग बराबर हो तब इसे मंदी के दौर का अंत माना जाता है |यदि इस कैंडल के बाद बनने वाली बड़ी बुलिश कैंडल ऐसी हो जो मॉर्निंग स्टार कैंडल के लो(Low) ब्रेक न करें तब मॉर्निंग स्टार कैंडल कन्फर्म हो जाता है | इस तीसरे कैंडल में ट्रेडिंग वैल्यूम जितना अधिक होता है पैटर्न उतना ही अधिक प्रभावशाली होता है
मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक पैटर्न की पहचान कैसे करें:-
जब तीसरी कैंडल close होती हैं, तब यह पहली कैंडल के मध्य भाग और ओपन के बिच close होती हैं।
तीसरी कैंडल पहली कैंडल के high के ऊपर नहीं जाती हैं।
इस Morning Star में हमें Volume देखने की जरुरत होती हैं।
इस में तीसरी कैंडल का वॉल्यूम पहली और दूसरी कैंडल से ज्यादा होता हैं।
याने के तीनो कैंडल का वॉल्यूम बढ़ते हुए दिखता हैं।
मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक पैटर्न पर ट्रेड कैसे करें? | How to trade on Morning Star Candlestick Pattern?
क्योंकि ये बुलिश पैटर्न है तो आपको मार्केट बंद होते समय अपने सोदे को बेचने की बजाए डिलीवरी (डीमेट खाता) में ले जाने की सुविधा रहती है। इसी कारण बड़े ट्रेडर्स के बीच इसे बहुत ज्यादा पसंद किया जाता है।
जब डाउन ट्रेंड में चल रहे शेयर के बॉटम पर मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक पैटर्न का निर्माण हो जाता है तब भी ट्रेडर ट्रेड नहीं लेता है | एक समझदार ट्रेडर, पैटर्न में एंट्री के कन्फर्मेशन का इंतजार करता है | कभी-कभी बड़े बड़े ट्रेडर या प्रमोटर छोटे तथा मझले ट्रेडर को अपनी जाल में फांसने के लिए फेक मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक पैटर्न का निर्माण कर देते है | जब छोटे/मझले ट्रेडर खरीदारी में ट्रेड ले लेते है तब प्रमोटर तेज़ बिकवाली कर देते है तथा छोटे ट्रेडर का स्टॉप लॉस काट कर अपना लाभ बना लेते है । प्रमोटर के इन चाल से बचने के लिए ट्रेडर को एंट्री का कन्फर्मेशन मिलने तक ट्रेड से बचना चाहिए | मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक पैटर्न बन जाने के बाद बनने वाली कैंडल जैसे ही पैटर्न के तीसरे बुलिश कैंडल का हाई ब्रेक कर ऊपर निकल जाये तब ट्रेड में एंट्री का कन्फर्मेशन मिल जाता है | इस कैंडल को ट्रेड में एंट्री कन्फर्मेशन कैंडल कहा जाता है | अब ट्रेडर ट्रेड ले लेते है तथा टार्गेट, स्टॉप लॉस लगाते है।
मॉर्निंग स्टार कैंडल के कुछ विशेषताए :-
2. यह एक बुलिश ट्रेंड रिवर्शल पैटर्न है जो मंदी के ट्रेंड को तेज़ी के ट्रेंड में बदलता है |
3. इसमे पहली कैंडल एक बड़ी बेयरिश कैंडल होती है |
4. बेयरिश कैंडल के बाद बनने वाली कैंडल स्पिनिंग कैंडल या एक ऐसी कैंडल होती है जिसका बॉडी शैडो की तुलना में दुगने से भी अधिक होता है | 5. इस दूसरी कैंडल में अपर तथा लोअर शैडो लगभग बराबर होता है |
6. इसके बाद बनने वाली तीसरी कैंडल गैप अप के साथ ओपन होती है तथा बड़ी, बुलिश कैंडल होती है |
7. यह कैंडल अपनी क्लोजिंग, पहली बेयरिश कैंडल के मध्य से हाई के मध्य में करती है |
8. इस तीसरी कैंडल में शेयर का ट्रेडिंग वैल्यूम अन्य दिनों की अपेक्षा में बहुत अधिक होती है |