शेयर मार्केट में ऑप्शन ट्रेडिंग क्या होती है ? | What is option trading in share market in hindi ?

ऑप्शन ट्रेडिंग एक ऐसा कांट्रैक्ट है जो खरीदार और विक्रेता को कुछ प्रीमियम राशि देकर एक निश्चित तारीख पर किसी स्ट्राइक प्राइस पर सिक्योरिटी को खरीदने या बेचने का अधिकार देती है। ऑप्शन ट्रेडिंग में कॉल और पुट ऑप्शंस को खरीदा और बेचा यानी ट्रेड किया जाता है।



Most Important Topic of Option Trading

1. शेयर मार्केट में ऑप्शन ट्रेडिंग क्या होती है ?
2. ऑप्शन ट्रेडिंग करने का फायदा क्या है?
3. Call Option क्या होता है?
4. put Option क्या होता है?
5. Option Buying और Selling क्या होता है?
6. Premium क्या होता है?
7. Stock Symbol क्या होता है?
8. Closing Date क्या होती है?
9. नय लोग ऑप्शन ट्रेडिंग की शुरुआत कैसे करें ।
10. ऑप्शन ट्रेडिंग के प्रकार ?
  Call Option
  Put Option
11. ऑप्शन ट्रेडिंग कैसे करते हैं ?

Part of Price - Action

शेयर मार्केट में ऑप्शन ट्रेडिंग क्या होती है ? | What is option trading in share market in hindi ?

ऑप्शन ट्रेडिंग एक ऐसा कांट्रैक्ट है जो खरीदार और विक्रेता को कुछ प्रीमियम राशि देकर एक निश्चित तारीख पर किसी स्ट्राइक प्राइस पर सिक्योरिटी को खरीदने या बेचने का अधिकार देती है। ऑप्शन ट्रेडिंग में कॉल और पुट ऑप्शंस को खरीदा और बेचा यानी ट्रेड किया जाता है।

आसान शब्दों में, ऑप्शन ट्रेडिंग का मतलब है कि आप पहले ही कुछ तय धनराशि देकर future के लिए शेयर खरीद या बेच सकते हैं। इसी तय धनराशि को ऑप्शन प्रीमियम कहते हैं।

अधिकतर लोग इंडेक्स जैसे- निफ्टी और बैंकनिफ्टी में ऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं क्योंकि उनमें प्रीमियम कम देना पड़ता है लेकिन आप चाहे तो किसी शेयर के ऑप्शन को भी ट्रेड सकते हैं।

अब समझते हैं कि ऑप्शन ट्रेडिंग करने का फायदा क्या है?

अगर आपको लगता है कि फ्यूचर में किसी शेयर का दाम बढ़ने या घटने वाला है तो आप केवल एक छोटा अमाउंट (Premium) देकर उस शेयर को पहले ही खरीद या बेच सकते हैं।
इसका मतलब है कि ऑप्शन ट्रेडिंग में आपको शेयर खरीदने या बेचने के लिए पूरा पैसा नहीं देना पड़ता बल्कि एक छोटा सा प्रीमियम अमाउंट देकर फ्यूचर के लिए शेयर buy और sell कर सकते हैं। तो अगर आपके प्रेडिक्शन के अनुसार शेयर ऊपर या नीचे नहीं भी जाता है तो भी आपके पूरे पैसे का नुकसान नहीं होगा बस जितना आपने प्रीमियम दिया था सिर्फ उसी पैसे का नुकसान होगा।



ऑप्शन ट्रेडिंग मैं आगे बढ़ने से पहले कुछ चीजो को जानना जरुरी है –

Call Option क्या होता है?

कॉल ऑप्शन आपको एक समय अवधी के अंदर निर्धारित मूल्य पर किसी भी स्टॉक या शेयर को खरीदने का अधिकार देता है लेकिन दायित्व नही देता दायित्व आपको तभी मिलता है जब आप पूरी रकम दे देते हैं। कॉल ऑप्शन के द्वारा ट्रेडिंग करने पर आपको कुछ राशि का भुगतान करना पड़ता है।
अगर आपको लगता है किसी शेयर को प्राइस फ्यूचर में बढ़ने वाली है तो आप उसे कॉल ऑप्शन के जरिए कम राशि में खरीद सकते हैं। और अच्छा प्रॉफिट के सकते हैं।


put Option क्या होता है?

पुट ऑप्शन में कॉल ऑप्शन का ठीक उल्टा होता है कॉल के जरिए शेयर के प्राइस बढ़ने के चांस होते है तब शेयर खरीदा जाता है और पुट के जरिए जब शेयर के प्राइस गिरने के चांस होते है तब खरीदा जाता है इसमें भी खरीदने का समय और मूल्य आप सेट कर सकते हैं।
जैसे आपको लगता है की फ्यूचर में शेयर का प्राइस गिरेगा तो आप एक समय और मूल्य सेट कर देंगे की इतने समय पर अगर शेयर का प्राइस इतना आता है तो में खरीद लूंगा और इतना गिरता है तो बेच दूंगा।


Option Buying और Selling क्या होता है?

Call और Put समझने के बाद आपको ये समझना होगा। Option Buy और Sell क्या होता है। इसमें काफी सारे लोग कंफ्यूज होते है। Buy का मतलब है की खरीदना और Sell का मतलब है बेचना। जैसा मैंने आपको बताया की आप अगर Call खरीदते है तो स्टॉक ऊपर जाने पर आपको प्रॉफिट होगा। Option Buying आप अगर Put खरीदते है तो स्टॉक गिरने पर आपको प्रॉफिट होगा। इसके उल्टा Option Selling में होता है। आप अगर Call Option Sell करते है और वह शेयर ऊपर जाने लगता है। तो आपको लॉस होगा आप अगर Call Option सेल करते है। इसके बाद अगर वह शेयर नीचे गिरने लगता है तो आपको प्रॉफिट होगा।

इसके अलावा एक और concept आपको क्लियर करना होगा। In the Money, At the Money, Out of the Money यह भी आपको क्लियर होना जरूरी है। In the Money का मतलब है अगर शेयर 100 रुपये का है। आप अगर 60 रुपये का ऑप्शन खरीद रहे है। तो इसे हम In the money कहते है। Option Selling आप अगर 100 रुपये का शेयर है और 110 का ऑप्शन ले रहे है। इसे हम At the Money कहते है। इसके साथ ही शेयर 100 का है और आप 150 रुपये का ऑप्शन ले रहे है। तो इसे Out of The Money कहा जाता है। अब ये सारी बाते जो मैंने आपको बताई है। मुझे लगता है इसमें से कुछ बाते आपको समझ में नहीं आयी होंगी।

पर इसके रिलेटेड आप स्टडी कीजिये। आप इस रिलेटेड youtube पर कुछ वीडियोस देख सकते है। मैं आपको कहूंगा की कुछ books भी आप पढ़ सकते है। इस तरह आप धीरे धीरे ऑप्शन ट्रेडिंग का पूरा गणित समज में आयेंगे। ऑप्शन ट्रेडिंग सच में रिस्की है इससे बिना सीखे बिलकुल भी मत कीजिये।


Premium क्या होता है?

जब आप ऑप्शन ट्रेडिंग में कॉन्टैक्ट करते वक्त जो पैसे देते है उसे ही प्रीमियम कहा जाता है।

Stock Symbol क्या होता है?

स्टॉक सिंबल के जरिए स्टॉक कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी किसी भी स्टॉक को पहचान करने के लिए उपयोग किया जाता है जैसी निफ्टी 16000 CE Stock Symbol

Closing Date क्या होती है?

क्लोजिंग डेट वो डेट होती जिस तारीख को आपका कॉन्ट्रैक्ट समाप्त होने वाला होता है।


नय लोग ऑप्शन ट्रेडिंग की शुरुआत कैसे करें। | How to start option trading for beginners in hindi.

अगर आप नए है और ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो आपको Nifty 50 या Bank Nifty Index में ही ऑप्शन बाइंग और ऑप्शन सेलिंग करनी चाहिए। इसके लिए आप ट्रेडिंग व्यू (Trading View) प्लेटफार्म मै अपनी ट्रेड को देख कर analysis कर सकते है।
शायद आपको पता नहीं 75% से ज्यादा लोग सिर्फ ऑप्शन बाइंग करते हैं जबकि 25% लोग ही ऑप्शन सेलिंग करते हैं वो इसलिए क्योंकि ऑप्शन बाइंग में बहुत ही कम पैसे से ट्रेडिंग कर सकते है जबकि ऑप्शन सेलिंग में ट्रेडिंग करने के लिए लाखो रूपये होने चाहिए। ऑप्शन बाइंग में 100 rs से ट्रेडिंग कर सकते है।

ऑप्शन सेलिंग में प्रॉफिट के चांसेज 70% तक होते है जबकि ऑप्शन बाइंग में सिर्फ 30% ही फिर ज्यादा लोग ऑप्शन बाइंग ही करते है क्योंकि उनके पास कैपिटल कम होता है।

ऑप्शन सेलर पैसे ज्यादा कमाता है क्योंकि उसके पास ज्यादा पैसे होते है और वो बड़ी अमाउंट के साथ ट्रेडिंग करता है जबकि ऑप्शन बायर कम पैसे कमा पाता है क्योंकि वो कम पैसे से ट्रेड करता है।

आप खुद सोचिए एक ट्रेडर 5000 रूपये से ट्रेडिंग करता है वहीं दूसरी तरफ एक ट्रेडर 5 लाख रूपये से ट्रेड करता है तो इन दोनो में से कौन ज्यादा सीरियस ट्रेडिंग करेगा जो 5000 रूपये लगा रहा है वो या जो 5 लाख रुपए लगा रहा है वो। वो ज्यादा सीरियस है जो 5 लाख लगा रहा है।



ऑप्शन ट्रेडिंग के प्रकार ? | Types of Option Trading in hindi?

ऑप्शन ट्रेडिंग दो प्रकार से की जाती है एक कॉल ऑप्शन और दूसरा पुट ऑप्शन।

Call Option

कॉल ऑप्शन आपको एक समय अवधी के अंदर निर्धारित मूल्य पर किसी भी स्टॉक या शेयर को खरीदने का अधिकार देता है लेकिन दायित्व नही देता दायित्व आपको तभी मिलता है जब आप पूरी रकम दे देते हैं। कॉल ऑप्शन के द्वारा ट्रेडिंग करने पर आपको कुछ राशि का भुगतान करना पड़ता है।

अगर आपको लगता है किसी शेयर को प्राइस फ्यूचर में बढ़ने वाली है तो आप उसे कॉल ऑप्शन के जरिए कम राशि में खरीद सकते हैं। और अच्छा प्रॉफिट के सकते हैं।


Put Option

पुट ऑप्शन में कॉल ऑप्शन का ठीक उल्टा होता है कॉल के जरिए शेयर के प्राइस बढ़ने के चांस होते है तब शेयर खरीदा जाता है और पुट के जरिए जब शेयर के प्राइस गिरने के चांस होते है तब खरीदा जाता है इसमें भी खरीदने का समय और मूल्य आप सेट कर सकते हैं।

जैसे आपको लगता है की फ्यूचर में शेयर का प्राइस गिरेगा तो आप एक समय और मूल्य सेट कर देंगे की इतने समय पर अगर शेयर का प्राइस इतना आता है तो में खरीद लूंगा और इतना गिरता है तो बेच दूंगा।


ऑप्शन ट्रेडिंग कैसे करते हैं ? | How to start option trading in hindi ?

ऑप्शन ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास डीमैट अकाउंट होना चाहिए जो की आप किसी भी ब्रोकरेज कंपनी में ऑनलाइन डीमैट कर ट्रेडिंग अकाउंट खुलवा सकते है ट्रेडिंग अकाउंट में फ्यूचर एंड ऑप्शन को एक्टिवेट करके आप ऑप्शन ट्रेडिंग कर सकते हैं ब्रोकरेज कंपनी के द्वारा दी गई एप से आप कर सकते हैं। जैसे की कुछ option trading App के नाम है - Angel one,Upstox,Zerodha Kite etc...

Option Trading दो तरीके से की जाती है।

Option Buying &
  Option Selling
Option Buying वो लोग करते है जिनके पास कम पैसे होते हैं और Option Selling वो लोग करते है जिनके पास ज्यादा पैसे होते हैं।
अब ये नही की Option Buying में कम पैसे से इन्वेस्टमेंट होती है तो आप बड़ा प्रॉफिट नही ले सकते बहुत सारे ऐसे ट्रेडर्स है जो Option Buying के जरिए लाखो रूपये कमा रहे हैं। बस आपके पास सही जानकारी होनी चाहिए।
मेरी सलाह है अगर आप सफल होना चाहते है तो किसी एक इंस्ट्रूमेंट के मास्टर बनिए जैसे निफ्टी या सिर्फ बैंक निफ्टी दोनो में से कोई एक पर ही फोकस करिए तो आपके सफल होने के चांस ज्यादा है।
बहुत सारे ट्रेडर है जो सिर्फ बैंक निफ्टी से ही लाखो करोड़ों रुपए कमा रहे है वो इसलिए क्योंकि उन्होंने शुरू से ही एक ही चीज पर फोकस किया और अब वो उसके मास्टर बन चुके है उनको पता होता है कब प्राइस ऊपर जायेगा और कब नीचे आएगा।