शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग के प्रकार क्या हैं ? | What are the types of trading in stock market in hindi ?

शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग के प्रकार कुछ इस प्रकार है -
Scalp Trading - आसान शब्दों मैं Scalping Trading का मतलब होता है किसी stock मे एक मिनट से लेकर पांच मिनट के अन्दर पोजीशन बनाते है और पोजीशन को exit कर लेते है ।

Intraday trading - इंट्राडे का अर्थ है 'एक दिन में'। इंट्राडे ट्रेडिंग एक ही दिन में शेयर खरीदने और बेचने को प्रदर्शित करता है।

BTST Trading - BTST का पूरा नाम "Buy Today Sell Tomorrow" होता है, या BTST का मतलब आज खरीदें, कल बेचें।

Swing Trading - स्विंग ट्रेडिंग एक ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी है। इसमें, ट्रेडर एक दिन से ज़्यादा समय तक किसी स्टॉक में पोज़िशन रखते हैं।




Most Important Topic of Option Trading!

(1) ट्रेडिंग के प्रकार
  स्कैल्पिंग ट्रेडिंग क्या है ?
  इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है ?
  BTST ट्रेडिंग क्या है ?
  स्विंग ट्रेडिंग क्या है ?
(2) ऑप्शन ट्रेडिंग से पैसे कैसे कमाए ?
(3) किन नियमों का पालन करके Option Trading करें?
(4) ऑप्शन ट्रेडिंग के फायदे -
(5) ऑप्शन ट्रेडिंग के नुकसान -


Types of Trading in Option Trading for Beginners | ट्रेडिंग के प्रकार -

Scalp Trading
Intraday trading
BTST Trading
Swing Trading

स्कैल्पिंग ट्रेडिंग क्या है ? | What is scalping trading in hindi ?

"आसान शब्दों मैं Scalping Trading का मतलब होता है किसी stock मे एक मिनट से लेकर पांच मिनट के अन्दर पोजीशन बनाते है और पोजीशन को exit कर लेते है।" Scalping Trading में आप सबसे ज्यादा उछाल वाले शेयर को चुनते है। इसके बाद आप उसको पूरी Margin Money के साथ खरीद लेते है और फिर उस शेयर की कीमत कुछ पैसे बढ़ जाने पर उसे बेच देते है। यह सब आप एक ही दिन के अंदर शेयर मार्केट के खुलने और बंद होने के बीच करते है और इस ट्रेडिंग को हम स्केलपिंग ट्रेडिंग कहते है।

स्केलपिंग ट्रेडिंग में आपको कुछ Minutes और घंटे ही मिलते है जिनके बेच आपको शेयर Buy Order के साथ Stop Loss लगाना होता है और इसके तुरंत बाद ही Sell Order लगाना होता है।


इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है ? | What is intraday trading in hindi ?

इंट्राडे का अर्थ है 'एक दिन में'। इंट्राडे ट्रेडिंग एक ही दिन में शेयर खरीदने और बेचने को प्रदर्शित करता है। इंट्राडे ट्रेडिंग में, Trader बाजार बंद होने से पहले अपनी स्थिति बंद कर देते हैं। इंट्राडे ट्रेडिंग का उद्देश्य कम समय मे लाभ अर्जीत करना है। इस प्रकार की ऑनलाइन ट्रेडिंग को इंट्राडे ट्रेडिंग या डे ट्रेडिंग के रूप में भी जाना जाता है। यह एक थोड़े समय के निवेश का तरीका है जिसके लिए व्यापारियों को शेयर की कीमतों की लगातार निगरानी करने की आवश्यकता होती है। इंट्राडे ट्रेडिंग का टाइम 9:15AM से 3:30PM होता है ।

BTST ट्रेडिंग क्या है ? | What is BTST trading in hindi ?

BTST का पूरा नाम "Buy Today Sell Tomorrow" होता है, या BTST का मतलब आज खरीदें, कल बेचें। यह शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग का एक रूप है जिसमें ट्रेडर्स को स्टॉक्स में शॉर्ट-टर्म प्राइस स्विंग्स से लाभ होता है। इंट्राडे ट्रेडिंग के विपरीत, जहाँ शेयर उसी दिन खरीदे और बेचे जाते हैं, BTST के शेयर अगले दिन या तो नकद या फ्यूचर्स और ऑप्शंस में बेचे जाते हैं।

स्विंग ट्रेडिंग क्या है ? | What is Swing trading in hindi ?

स्विंग ट्रेडिंग एक ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी है। इसमें, ट्रेडर एक दिन से ज़्यादा समय तक किसी स्टॉक में पोज़िशन रखते हैं। स्विंग ट्रेडिंग, एक्टिव ट्रेडिंग का एक प्रसिद्ध तरीका है, जिसमें वित्तीय साधन(Financial Instrument) को एक से अधिक दिनों या दो सप्ताह के अंतराल की अवधि के लिए रखा जाता है। स्विंग ट्रेडिंग(Swing Trading) में पोजीशन को कम से कम रात भर के लिए रखा जाता है, क्योंकि इसमें पोजीशन को इंट्राडे ट्रेडिंग के समान उसी दिन स्क्वायर ऑफ नहीं किया जा सकता।

ऑप्शन ट्रेडिंग से पैसे कैसे कमाए ? | How to earn money from Option Trading ?

Option Trading से पैसे कमाने के लिए आपको पहले इसे सीखना होगा आपको यह पता होना चाहिए की मार्केट कब ऊपर जायेगा और कब नीचे आएगा।

अगर आपको लगता है मार्केट ऊपर जायेगा तब आप कॉल ऑप्शन बाय करना है और आपको लगता है मार्केट नीचे जायेगा तब आपको पुट ऑप्शन बाय करना होता है।

अब आप समझ गए है कॉल और पुट का यूज कब करते है अगर आप कॉल ऑप्शन यानी मार्केट जब ऊपर जाता है से पैसे कमाना चाहते है तब आपके अंडरलाइंग एसेट का प्राइस एक्सपायरी से पहले स्ट्राइक प्राइस से ज्यादा होना चाहिए।

और अगर आप पुट ऑप्शन यानी जब मार्केट नीचे जाता है से पैसे कमाना चाहते है तब अंडरलाइंग एसेट का प्राइस एक्सपायरी से पहले स्ट्राइक प्राइस से कम होना चाहिए।

आपका प्रॉफिट आपके अंडरलाइंग एसेट के प्राइस और ऑप्शन के स्ट्राइक प्राइस के डिफरेंस पर निर्भर करता है। आसान शब्दों में समझे तो जिस दिन आपके पोजिशन की एक्सपायरी डेट होती है तो जो अंडरलाइंग एसेट और स्ट्राइक प्राइस के बीच का अंतर होता है वही आपका प्रॉफिट डिसाइड करता है।


Rules of Option Trading for Beginners | किन नियमों का पालन करके Option Trading करें?

अगर आपको ऑप्शन ट्रेडिंग से लाभ लेना है तो आपको कुछ नियमों का पालन करना होगा जैसे रिस्क को मैनेज करना, नुकसान को कम करके प्रॉफिट को बढ़ाना, लालच करने से बचना, सभी नियमों के बारे में नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है।

1.रिस्क को मैनेज करना -

सभी जानते है Option Trading में रिस्क बहुत ज्यादा होता है इसमें आपकी एक चूक आपके लाखो रूपये डूबा सकती है वो भी कुछ ही मिनटों में रिस्क को मैनेज करने का तात्पर्य ये है की जितने पैसों का नुकसान आप उठा सकते है बस आपको उतने पैसे से ही ट्रेडिंग करनी है।

2. नुकसान को कम करके प्रॉफिट को बढ़ाना -

Option Trading में प्रॉफिट कमाने से ज्यादा ध्यान आपको नुकसान होने से बचाने पर होना चाहिए क्योंकि अगर आपने बहुत अच्छा प्रॉफिट बना लिया और उसे लॉस कर लिया तो आपके प्रॉफिट का कोई फायदा नहीं इसलिए आपको हमेशा यही कोशिश करनी चाहिए की आपने जो प्रॉफिट लिया है वो लॉस में न बदले।

3. लालच से बचना -

आपने कहावत तो सुनी होगी लालच बुरी बला है और ये कहावत ऑप्शन ट्रेडिंग में लागू होती है वो ऐसे तब ट्रेडर्स को प्रॉफिट होता है तब उनके अंदर लालच आ जाता है वो और प्रॉफिट लेने की सोचते है और इस चक्कर में वो अपने प्रॉफिट के साथ साथ अपनी कैपिटल भी गवां देते हैं।

आपको डेसीपिलेन में रहकर ट्रेडिंग करनी होगी आपको पहले से डिसाइड करना है की आज आप एक प्रॉफिट लेने के बाद ट्रेडिंग नही करेंगे चाहे छोटा प्रॉफिट क्यों न हो। आज आप लॉस नही करेंगे।

आपको क्या लगता है जो लोग ट्रेडिंग से लाखो रूपये कमा रहे है वो एक ही दिन से कमाने लगे है नहीं ऐसा नही है इसके पीछे उनके सालो की मेहनत है उन्हे कई साल हो गए है ट्रेडिंग करते हुए तब जाकर उनको पता चला की ट्रेडिंग कैसे काम करती है।



ऑप्शन ट्रेडिंग के फायदे | Benefits of option trading in hindi -

लिमिटेड रिस्क:

ऑप्शन ट्रेडिंग का सबसे बड़ा फायदा ये है की यहां पर आप अपने रिस्क को कंट्रोल कर सकते हैं आप सेट कर सकते है की आप कितना रिस्क ले सकते हैं।
जैसे आपने 2000 रूपये इन्वेस्ट किए तो आप 2000 रूपये लॉस सेट कर सकते है तो आपको लॉस 2000 रूपये का ही होगा और प्रॉफिट जितना चाहे उतना सेट कर सकते हैं।


फ्लेक्सिबिलिटी:

ऑप्शन ट्रेडिंग के जरिए ट्रेडर अलग अलग ऑप्शन का चुनाव कर सकता है और उनकी निवेश रणनीति को फ्लेसिबल बनाता है।
एक ट्रेडर इस ऑप्शन के जरिए अलग अलग यानी पास और दूर के स्तरों पर इन्वेस्टमेंट कर सकता हैं और अपनी एक्सचेंज स्ट्रेटजी को डाइवर्सीफाई कर सकता है।


ऑल्टरनेटिव इनकम:

ऑप्शन ट्रेडिंग के जरिए आप ऑल्टरनेटिव इनकम जेनरेट कर सकते है आप अपनी योजना के अनुसार अधिक लाभ ले सकते हैं आप अपने अनुसार लक्ष्य निर्धारित कर सकते है और निवेश रणनीति भी बना सकते हैं।

टाइमिंग क्वालिटी:

ऑप्शन ट्रेडिंग के जरिए व्यक्ति समय की गुणवत्ता को समझने लगता है ऑप्शन ट्रेडिंग के जरिए अलग अलग समय पर शेयर खरीद और बेच सकतें हैं जैसे की एक हफ्ते या एक महीने के अंदर।
अगर आपका एनालिसिस सही है तो हो सकता है आपके 2000 रूपये कुछ ही समय में 2 लाख बन जाए और ये भी हो सकता है 20 लाख बन जाए इसीलिए लोग ज्यादातर ऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं।
कम पैसे से ट्रेडिंग करके ज्यादा मुनाफा सिर्फ ऑप्शन ट्रेडिंग के जरिए ही कमा सकते हैं।
किसी भी शेयर को खरीदने के लिए पूरे पैसे देने की आवश्यकता नही होती। कम पैसे से अधिक क्वांटिटी में ट्रेड कर सकते हैं।


ऑप्शन ट्रेडिंग के नुकसान | Disadvantages of option trading in hindi–

अगर Option Trading का फायदा है तो नुकसान भी है चलिए जानते हैं Option Trading के नुकसान के बारे में
अगर आप बिना सीखे Option Trading में ट्रेडिंग करते है तो आपको फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है। Option Trading में ऑपरेटर ही स्टॉप लॉस बार बार हिट करवाते है क्योंकि उन्हें नए लोगो की साइकोलॉजी का पता होता है। आपके द्वारा खरीदा गया Call या Put ऑप्शन अगर आपके अनुमान के अनुसार परफॉर्म नही करता हैं तब आपके प्रीमियम की वैल्यू लगातार गिरती जायेगी। कुछ ही मिनटों में आपका 20 लाख का 0 हो सकता है।